स्वर्णप्राशन संस्कार
स्वर्णप्राशन संस्कार
यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति है, जिसका वर्णन कश्यप संहिता नामक प्रसिद्ध बाल चिकित्सा ग्रंथ में किया गया है। इस विधि में शुद्ध सोने को पौष्टिक गाय के घी और 15 चुनिंदा जड़ी-बूटियों के मिश्रण के साथ मिलाया जाता है। ये जड़ी-बूटियाँ बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और बौद्धिक विकास को बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। इसे स्वादिष्ट और प्रभावी बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शहद का भी उपयोग किया जाता है।
क्या यह एक संस्कार है?
हाँ, स्वर्णप्राशन हमारे वैदिक शास्त्रों में वर्णित 16 संस्कारों में से एक है। यह जात कर्म संस्कार के अंतर्गत आता है, जो जन्म और बचपन के प्रारंभिक विकास से जुड़ी रस्मों से संबंधित है।
यह किस आयु वर्ग के लिए है?
स्वर्णप्राशन जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए उपयुक्त है।
इसकी खुराक कितने प्रकार की होती है?
स्वर्णप्राशन की दो मुख्य प्रकार की खुराकें होती हैं:
- दैनिक खुराक (Daily Dose): इसे बच्चों के समग्र विकास के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट घर पर दिया जा सकता है।
- बूस्टर खुराक (Booster Dose): यह प्रत्येक पुष्य नक्षत्र के दौरान दी जाती है। यह नक्षत्र लगभग हर 27 दिन में आता है, जिससे इस खुराक के चिकित्सीय लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
आयु के अनुसार खुराक क्या है?
स्वर्णप्राशन की खुराक बच्चे की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय की जाती है:
- जन्म से 1 वर्ष तक: 2 से 3 बूँदें
- 1 से 5 वर्ष तक: 3 से 5 बूँदें
- 5 से 10 वर्ष तक: 5 से 10 बूँदें
- 10 वर्ष और उससे अधिक: 8 से 10 बूँदें
दैनिक और बूस्टर खुराक की अनुशंसित अवधि क्या है?
बेहतरीन और स्थायी परिणाम देखने के लिए, दैनिक और बूस्टर खुराक दोनों को कम से कम एक वर्ष तक नियमित रूप से देने की सलाह दी जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक चिकित्सक 16 वर्ष की आयु तक इसे जारी रखने का सुझाव देते हैं।
स्वर्णप्राशन के क्या लाभ हैं?
स्वर्णप्राशन के कई लाभ हैं:
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना (Boosts Immunity): यह मौसमी और एलर्जी संबंधी संक्रमणों, जैसे खांसी, सर्दी और बुखार से लड़ने में मदद करता है।
- बौद्धिक क्षमताओं को बढ़ाना (Enhances Cognitive Abilities): यह बुद्धि, याददाश्त, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाता है।
- पाचन और चयापचय में सुधार (Improves Digestion and Metabolism): यह बच्चों की भूख और पाचन स्वास्थ्य को संतुलित करता है।
- शारीरिक शक्ति को बढ़ाना (Enhances Physical Strength): यह बच्चे की समग्र ऊर्जा और शारीरिक शक्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- मन को शांत रखना (Calming Effect): यह बच्चों को तनाव और चिंता को संभालने में मदद करता है।
कश्यप संहिता के अनुसार, जिन बच्चों को जन्म से लगातार छह महीने तक स्वर्णप्राशन दिया जाता है, उनकी याददाश्त असाधारण हो जाती है। वे सुनी और लिखी हुई बातों को आसानी से याद रख पाते हैं, और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत बढ़ जाती है।
पुष्य नक्षत्र का क्या महत्व है?
पुष्य नक्षत्र पोषण, समृद्धि और विकास का प्रतीक है, इसलिए इसे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए बहुत शुभ माना जाता है। आयुर्वेदिक मान्यता के अनुसार, इस दिन औषधीय जड़ी-बूटियों पर विशेष कृपा होती है और सोने के साथ इसका गहरा संबंध होता है। इसलिए, इस दिन स्वर्णप्राशन के प्रभाव काफी बढ़ जाते हैं।
दैनिक खुराक देना क्यों महत्वपूर्ण है?
दैनिक और बूस्टर दोनों खुराकें देने से लंबे समय तक चलने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत संज्ञानात्मक शक्ति की नींव रखी जाती है। यह बीमारियों के जोखिम को कम करता है और याददाश्त को बनाए रखने में मदद करता है।
क्या यह बच्चों में बार-बार होने वाली बीमारियों में मदद करता है?
हाँ, स्वर्णप्राशन उन बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद है जिन्हें बार-बार खांसी, सर्दी या बुखार होता है। कई माता-पिता ने बताया है कि स्वर्णप्राशन शुरू करने के कुछ ही समय बाद उनके बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हुआ और बीमारियों की संख्या कम हो गई।
डॉ. सुषमा के स्वर्णप्राशन ड्रॉप्स क्यों अलग हैं?
- डॉ. सुषमा खंडेलवाल, जो रस शास्त्र (आयुर्वेद) में एम.डी. हैं, स्वयं आयुर्वेदिक दवाओं को तैयार करती हैं, जिससे उच्चतम सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है।
- वह स्वयं प्रीमियम गुणवत्ता वाले सोने के नैनोकण, जैविक गाय का घी, जड़ी-बूटियाँ और शुद्ध शहद खरीदती हैं।
- इन ड्रॉप्स को हर पुष्य नक्षत्र पर तैयार किया जाता है, जो दवा बनाने के लिए सबसे शुभ समय होता है।
- उनका काम व्यापक शोध और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है।
- डॉ. सुषमा मध्य भारत में स्वर्णप्राशन संस्कार को बढ़ावा देने वाली एक जानी-मानी विशेषज्ञ हैं।
- पिछले 19 वर्षों में, उन्होंने 15,000 से अधिक बच्चों को स्वर्णप्राशन दिया है।
- उन्होंने एक रिले फॉर्मेट में सबसे बड़े स्वर्णप्राशन उपलब्धि के लिए “गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में अपना नाम दर्ज कराया है।
संपर्क जानकारी:
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डॉ. सुषमा’s आयुर्वेद हब
5/47 सपना संगीता मेन रोड
इंदौर
